नई दिल्ली। सूर्य पर हुए एक शक्तिशाली विस्फोट के बाद अंतरिक्ष वैज्ञानिक सतर्क हो गए हैं। विस्फोट के परिणामस्वरूप कोरोनल मास इजेक्शन (CME) यानी विद्युत आवेशित कणों का एक विशाल बादल पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।
के ने 3 जुलाई (भारतीय समयानुसार 4 जुलाई) को संभावित जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म को लेकर अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, CME का कम से कम एक हिस्सा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकरा सकता है, जिससे अंतरिक्ष मौसम प्रभावित होने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब विद्युत आवेशित कण पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड से टकराते हैं, तो जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म उत्पन्न हो सकता है। इसके प्रभाव से उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में मनमोहक नॉर्दर्न लाइट्स (ऑरोरा) दिखाई दे सकती हैं। वहीं, अत्यधिक तीव्र स्थिति में उपग्रह संचार, जीपीएस सेवाओं और बिजली ग्रिड पर भी सीमित प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।