बिहार के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील को लेकर बड़ा बदलाव, अब सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन डेटा अपलोड नहीं करने पर होगी कार्रवाई

बिहार के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी शिक्षकों के लिए हर कार्य दिवस पर सुबह 11:00 बजे तक ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) मोबाइल एप पर छात्रों की कुल उपस्थिति और मिड-डे मील प्राप्त करने वाले बच्चों की संख्या दर्ज करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद डेटा अपलोड करने या रिपोर्ट नहीं भेजने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अपर राज्य परियोजना निदेशक (स-प्रभारी, केंद्रीकृत अनुश्रवण कोषांग) रवि शंकर सिंह और मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र द्वारा जारी निर्देश में बताया गया है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल में नया मॉड्यूल जोड़ा गया है। इसके साथ ही मोबाइल एप का वर्जन 3.6.0 भी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध करा दिया गया है। विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत एप का नया संस्करण डाउनलोड करें और प्रतिदिन सुबह 11 बजे से पहले छात्रों की उपस्थिति तथा मिड-डे मील का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करें। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मध्याह्न भोजन योजना में पारदर्शिता बढ़ाना और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाना है। अब रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और भोजन प्राप्त करने वाले बच्चों की संख्या का सही मिलान किया जा सकेगा। इससे फर्जी रिपोर्टिंग, आंकड़ों में हेर-फेर और भोजन की बर्बादी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। विभाग के अनुसार, पहले कई विद्यालयों से दोपहर बाद या अगले दिन रिपोर्ट अपलोड की जाती थी, जिसके कारण आंकड़ों में अंतर और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद डेटा समय पर उपलब्ध होगा, जिससे निगरानी और मॉनिटरिंग भी अधिक प्रभावी होगी। मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी सरकारी विद्यालयों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। यदि कोई प्रधानाध्यापक सुबह 11 बजे तक निर्धारित जानकारी अपलोड नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस डिजिटल व्यवस्था से मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी मजबूत होगी और सरकारी स्कूलों में योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच सकेगा। – मिथिला हिंदी न्यूज़
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