दीपक प्रकाश का मंत्री पद सिर्फ 7 महीने का मेहमान? RLM-BJP रिश्तों पर फिर तेज हुई सियासी चर्चा

बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और बीजेपी के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश सिर्फ सात महीने तक ही मंत्री रह पाएंगे? दरअसल, 5 अगस्त को दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) का सदस्य मनोनीत किया गया, जिससे फिलहाल उनका मंत्री पद बच गया है। लेकिन उनका एमएलसी कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो जाएगा। ऐसे में सात महीने बाद एक बार फिर उनके मंत्री पद और राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाने के लिए बीजेपी नेता देवेश कुमार ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से करीब सात महीने पहले ही इस्तीफा दिया। इसके बाद राज्यपाल कोटे से खाली हुई सीट पर दीपक प्रकाश को मनोनीत किया गया। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार कोई भी गैर-विधायक अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। दीपक प्रकाश इस संवैधानिक समय-सीमा के करीब पहुंच चुके थे और इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी। एमएलसी बनने के बाद फिलहाल उनका मंत्री पद सुरक्षित हो गया है। इधर, राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि बीजेपी लंबे समय से उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) का विलय अपने साथ चाहती है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पहले राज्यसभा सीट और अब एमएलसी पद दिए जाने के पीछे भी यही रणनीति मानी जा रही है। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने अब तक अपनी पार्टी का अलग अस्तित्व बनाए रखा है और अपने बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है। बीजेपी के भीतर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज बताई जा रही है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं कुशवाहा समाज के बड़े नेता हैं, तो ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी को लगातार राजनीतिक रियायत देने की आवश्यकता पर पुनर्विचार होना चाहिए। हालांकि, इन राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों पर अब तक बीजेपी या राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में मार्च 2027 के करीब पहुंचते-पहुंचते बिहार की राजनीति में इस मुद्दे पर नई हलचल देखने को मिल सकती है। – मिथिला हिंदी न्यूज़
👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.