उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच वाराणसी से एक अनोखा चुनावी मामला सामने आया है। आजाद अधिकार सेना ने शिवपुर विधानसभा सीट से संतोष मूरत सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। खास बात यह है कि सरकारी दस्तावेजों में संतोष मूरत सिंह पिछले करीब दो दशकों से ‘मृत’ दर्ज हैं।
सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के बावजूद संतोष खुद को जिंदा साबित करने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। वह अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण हासिल करने के लिए सरकारी दफ्तरों से लेकर अदालतों और अलग-अलग अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं।
अब संतोष मूरत सिंह ने अपने इसी संघर्ष को राजनीतिक मंच देने का फैसला किया है। आजाद अधिकार सेना ने उन्हें शिवपुर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उनका कहना है कि जब सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत बताया जा रहा है, तो इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए चुनावी मैदान में उतरना जरूरी है।
संतोष की उम्मीदवारी सामने आने के बाद शिवपुर विधानसभा सीट का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के साथ-साथ चर्चा का विषय भी बन गया है। आगामी चुनाव में उनका मुख्य मुद्दा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज अपनी ‘मौत’ को चुनौती देना और ऐसे मामलों से जूझ रहे लोगों की आवाज उठाना हो सकता है।