एनसीपी के अजित पवार गुट में अंदरूनी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सुनेत्रा पवार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बेचैनी और बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने संगठन में बदलाव की जरूरत बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को हटाने का सुझाव दिया है। हालांकि, एनसीपी ने बाद में इस दावे से इनकार किया है।
इससे पहले पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के पदनाम नहीं होने को लेकर भी सवाल उठे थे। अब तटकरे को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की चर्चा ने एनसीपी की अंदरूनी खींचतान को और सार्वजनिक कर दिया है। तटकरे ने खुद कहा है कि उन्हें प्रशांत किशोर की पार्टी में सलाहकार भूमिका और ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद एनसीपी की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 28 जनवरी को बारामती के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद सुनेत्रा पवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई, जबकि सुनील तटकरे को भी प्रदेश अध्यक्ष पद पर दोबारा नियुक्त किया गया था।
अब प्रशांत किशोर की सक्रियता और संगठन में बदलाव की चर्चाओं ने एनसीपी के भीतर नेतृत्व, संगठन और भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में तटकरे की भूमिका को लेकर पार्टी क्या फैसला करती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।