मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू
सरकार की ओर से चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए जाने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 30 अगस्त को देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 64.24 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। एक सप्ताह पहले यह कीमत 63.12 रुपये प्रति किलो थी। यानी सात दिनों में चीनी करीब 1.77 प्रतिशत महंगी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में चीनी की खुदरा कीमत में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले साल की तुलना में यह करीब 38.63 प्रतिशत अधिक है। 30 अगस्त को देश में चीनी की अधिकतम खुदरा कीमत 74 रुपये और न्यूनतम 40 रुपये प्रति किलो रही।
प्रमुख शहरों में चीनी के भाव
राजधानी दिल्ली में चीनी करीब 62 रुपये किलो, मुंबई में 66 रुपये, चेन्नई में 63 रुपये और रांची में 68 रुपये किलो तक बिकी। वहीं, देशभर में चीनी की औसत थोक कीमत 59.73 रुपये प्रति किलो रही, जो एक सप्ताह पहले 58.66 रुपये थी।
शुल्क-मुक्त आयात के बाद भी राहत नहीं
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके बाद मिल स्तर पर चीनी की कीमत में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। हालांकि, इसका असर खुदरा बाजार में अभी पूरी तरह नजर नहीं आया है।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मिल और थोक कीमत के बीच 2 से 3 रुपये प्रति किलो का अंतर सामान्य माना जाता है। वहीं मिल और खुदरा कीमत के बीच 7 से 8 रुपये प्रति किलो तक का अंतर भी आम है।
सरकार ने उठाए कई कदम
चीनी के आयात की अनुमति देने के अलावा सरकार ने बड़े खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने के नियमों को भी सख्त किया है। इससे पहले चीनी के निर्यात पर रोक लगाई जा चुकी है। सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
हालांकि, 2025-26 मार्केटिंग वर्ष में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है। पहले उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन लगाया गया था।
देश में सालाना चीनी की खपत करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है। उत्पादन घरेलू मांग से अधिक होने के बावजूद खुदरा बाजार में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।