आरक्षण पर सियासी संग्राम तेज, तेजस्वी यादव बोले- ‘आरक्षण खत्म करने वाला अभी पैदा नहीं हुआ’

मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू


बिहार में आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के बीच चल रहे विवाद में अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल हो गए हैं। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि आरक्षण खत्म करने वाला अभी पैदा नहीं हुआ है।

तेजस्वी ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आरक्षण को लेकर अलग-अलग नेताओं के बयानों के पीछे राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पीछे से इस विवाद को हवा दे रही है और लोगों का मिजाज समझने की कोशिश कर रही है।

चिराग और मांझी पर तेजस्वी का हमला

तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता आरक्षित सीटों से चुनाव जीतकर राजनीति में आए और अब आरक्षण के मुद्दे पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

तेजस्वी ने कहा कि अगर एनडीए के नेताओं को आरक्षण से परेशानी है तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता समाज के हित से ज्यादा पद और कुर्सी को महत्व दे रहे हैं।

2015 के आरक्षण विवाद का किया जिक्र

तेजस्वी यादव ने वर्ष 2015 में आरक्षण को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने उस समय आरक्षण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की जनता ने चुनाव में इसका जवाब दिया था।

तेजस्वी ने बीजेपी और आरएसएस पर आरक्षण को लेकर साजिश करने का आरोप लगाया और कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

क्रीमी लेयर और सब-कोटा से शुरू हुआ विवाद

आरक्षण में क्रीमी लेयर और कोटे के अंदर कोटा (सब-कोटा) के मुद्दे पर चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के बीच बयानबाजी शुरू हुई। चिराग पासवान ने मांझी और संतोष सुमन से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की थी।

इसके जवाब में संतोष सुमन ने कहा कि अगर इस्तीफे की बात हो रही है तो इसकी शुरुआत चिराग पासवान से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने एससी-एसटी आरक्षण खत्म करने या क्रीमी लेयर लागू करने की मांग नहीं की है। उनका कहना है कि वह एससी-एसटी के भीतर वर्गीकरण और कोटे के अंदर कोटा की बात कर रहे हैं।

वहीं, जीतन राम मांझी ने भी चिराग पासवान के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण खत्म करने की बात नहीं कर रही है। मांझी ने चिराग की इस्तीफे की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चिराग पासवान खुद इस्तीफा दें।

आरक्षण को लेकर एनडीए के नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी के बाद बिहार की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर प्रमुख राजनीतिक बहस बन गया है।

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