आज 2 अक्टूबर को देश के महानायक और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 122वीं जयंती मनाई जा रही है। सादगी, ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध शास्त्री जी का जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और आजादी के बाद देश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1964 में उन्होंने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला।
प्रधानमंत्री के रूप में शास्त्री जी ने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और आत्मविश्वास ने देश को एकजुट किया। इसी दौर में उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश के सैनिकों और किसानों के महत्व को रेखांकित करता हुआ जन-जन की आवाज बना।
शास्त्री जी अपने सादगीपूर्ण जीवन और ईमानदार कार्यशैली के लिए विशेष रूप से याद किए जाते हैं। उनका मानना था कि देश की प्रगति के लिए मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता जरूरी है। आज उनकी जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है और उनके आदर्शों को याद किया जा रहा है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू