जितिया व्रत को लेकर मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार तिथि और पारणा का समय जारी, 3 अक्टूबर को रखा जाएगा निर्जला व्रत


मधुबनी। संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर माताओं द्वारा रखा जाने वाला प्रसिद्ध जितिया व्रत इस वर्ष 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार जितिया व्रत को लेकर नहाय-खाय, व्रत और पारणा के समय की जानकारी दी गई है। इस संबंध में पंकज झा शास्त्री, मधुबनी ने व्रती महिलाओं के लिए तिथि और समय की जानकारी साझा की है।

पंचांग के अनुसार 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को जितिया व्रत की तैयारी के तहत नहाय-खाय होगा। इसी दिन रात्रि के अंतिम प्रहर में ओठगण का समय रात 3:30 बजे से 4:30 बजे तक उत्तम बताया गया है। वहीं सप्तमी तिथि दिन के 12:27 बजे के बाद आरंभ होगी।

इसके अगले दिन 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को जितिया व्रत रखा जाएगा। इसी दिन व्रती महिलाएं संतान की लंबी आयु और मंगलमय जीवन की कामना से व्रत करेंगी तथा जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाएगी। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि दिन के 10:02 बजे के बाद आरंभ होगी।

जितिया व्रत के बाद 4 अक्टूबर 2026, रविवार को व्रती महिलाओं के लिए पारणा का समय निर्धारित है। मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार सुबह 7:37 बजे के बाद पारणा किया जाएगा। इसी समय के बाद नवमी तिथि का भी आरंभ होगा।

जितिया व्रत मिथिला सहित बिहार के कई क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस दौरान व्रती महिलाएं संतान की कुशलता और दीर्घायु के लिए कठिन व्रत रखती हैं तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। व्रत के दौरान तिथि और पारणा के समय का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए व्रती महिलाओं से पंचांग के अनुसार निर्धारित समय का ध्यान रखने की अपील की गई है।

पंचांग संबंधी जानकारी:
पंकज झा शास्त्री, मधुबनी, बिहार
मोबाइल: 9576281913

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