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मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार और विदेशी नागरिक का पासपोर्ट बनाने के मामले में दो गिरफ्तार, UIDAI मशीन और क्लोन थंब इंप्रेशन बरामद
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October 01, 2026
मुजफ्फरपुर में नगर थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने और गलत दस्तावेजों के आधार पर विदेशी नागरिक का पासपोर्ट तैयार कराने के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोतीझील स्थित कन्हाई कम्यूनिकेशन और आरडीएस कॉलेज के पास ओम कम्यूनिकेशन में छापेमारी कर लैपटॉप, यूआईडीएआई मशीन, फिंगर स्कैनर, आई स्कैनर, क्लोन थंब इंप्रेशन और आठ मूल आधार कार्ड समेत कई सामान बरामद किए हैं।
जिला पुलिस को 30 सितंबर की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि मोतीझील उमा मार्केट स्थित कन्हाई कम्यूनिकेशन में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस की टीम ने साइबर कैफे में छापेमारी की। मौके से साहिल कुमार को पकड़ा गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन और दुकान से डेल कंपनी का लैपटॉप बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, लैपटॉप की जांच के दौरान उसमें आधार कार्ड बनाने वाला सॉफ्टवेयर मिला। साहिल के मोबाइल की जांच में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना से आया एक ई-मेल भी मिला। ई-मेल में पासपोर्ट संख्या U2185640 को गलत सूचना के आधार पर रद्द किए जाने की जानकारी थी। पुलिस की जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि उक्त पासपोर्ट बांग्लादेशी नागरिक के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार कराया गया था।
साहिल से पूछताछ के बाद पुलिस को छपरा जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के शिव कुमार पंडित के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से भी मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पूछताछ में शिव कुमार पंडित ने पुलिस को बताया कि वह बैंक में आधार ऑपरेटर के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसके द्वारा यूआईडीएआई सिस्टम साइबर कैफे संचालकों को उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए और किन लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
मामले में पुलिस ने साहिल कुमार और शिव कुमार पंडित को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा सुजीत कुमार, कन्हाई कुमार मिश्रा और अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
फर्जी आधार कार्ड बनाने और विदेशी नागरिक के लिए कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार कराने के इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू
