रिलायंस जियो 6G को लेकर अपनी तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने गुरुवार को कंपनी की 6G रणनीति को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत में नेक्स्ट जेनरेशन कनेक्टिविटी लाने के लिए जियो मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर अपग्रेड का सहारा लेने की योजना बना रही है।
आम भाषा में समझें तो 6G के लिए हर जगह नए मोबाइल टावर लगाने या मौजूदा टावरों को पूरी तरह बदलने की जरूरत नहीं होगी। मौजूदा नेटवर्क में लगे उपकरणों को सॉफ्टवेयर के जरिए अपग्रेड कर नई तकनीक के लिए तैयार किया जा सकता है। इससे 6G नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने में मदद मिल सकती है और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है।
आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो का लक्ष्य ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जिसमें मौजूदा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम इस्तेमाल किया जा सके। सॉफ्टवेयर आधारित अपग्रेड के जरिए नेटवर्क की क्षमता और तकनीकी सुविधाओं को बढ़ाया जा सकेगा।
हालांकि, 6G अभी शुरुआती विकास और मानकीकरण के दौर में है। इसलिए आम ग्राहकों को 6G सेवा कब से उपलब्ध होगी, इसकी निश्चित समयसीमा अलग-अलग तकनीकी और नियामकीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। जियो की यह रणनीति भारत में भविष्य की हाई-स्पीड और कम लेटेंसी वाली कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।