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आज गोवर्धन पूजा में इन बातों का रखें खास ख्याल

पंकज झा शास्त्री 

 आमतौर पर हर साल दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है. लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा. इस साल सूर्यग्रहण दिवाली के अगले दिन 25 अक्टूबर 2022 को लगने के कारण गोवर्धन पूजा का त्योहार दिवाली के अगले दिन नहीं बल्कि 26 अक्टूबर 2022,बुधबार को मनाया जाएगा। पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि गोवर्धन पूजा को भगवान श्रीकृष्ण की ओर से इंद्र देव को पराजित किए जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

गोवर्धन पूजा कार्तिक माह की शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन कई तरह की चीजें पकाई जाती हैं और भगवान कृष्ण को अर्पित की जाती हैं।
गोवर्धन पूजा के दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर उसे फूलों से सजाया जाता है. पूजा के दौरान गोवर्धन पर धूप, नैवेद्य, दीप फूल और फल आदि चढ़ाए जाते हैं. 

इस दिन गोबर से गोवर्धन जी को लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाया जाता है. नाभि की जगह पर मिट्टी का दीया रखा जाता है. इस दीपक में दूध,दही, गंगाजल, शहद और बताशे आदि डाले जाते हैं. फिर इसे बाद में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. 
पूजा करने के बाद गोवर्धन जी की सात बार परिक्रमा लगाई जाती है. परिक्रमा के वक्त हाथ में लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए परिक्रमा की जाती है. 
गोवर्धन पूजा के मौके पर अन्नकूट का आयोजन भी किया जाता है. अन्नकूट का मतलब है अन्न का मिश्रण. इसे भोग के रूप में भगवान श्रीकृष्ण को चढ़ाया जाता है.कुछ जगहों पर इस दिन बाजरे की खिचड़ी और पूड़ी भी बनाई जाती है. पूजा के बाद इन सभी चीजों को प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।
गोबर्धन पूजा शुभ समय २६/१०/२०२२ बुधवार को प्रातः ०६:२६ से दिन के ०७:०६ तक।

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