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डब्ल्यूएचओ की सलाह: -व्यायाम व योग के समय मास्क लगाना जरूरी नहीं

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-आसानी से सांस लेने की क्षमता पर पड़ता है असर

प्रिंस कुमार 
सीतामढ़ी, 17 जून: कोविड संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला रोग है। कोविड संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने के दौरान नाक व मुंह से निकलने वाली छोटी बूंदों में वायरस मौजूद होता है जो दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति तक पहुंच उसे भी बीमार कर देता है। कोविड संक्रमण की रोकथाम में मास्क का नियमित इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। मास्क कई अन्य श्वसन जनित रोगों जैसे टीबी आदि की रोकथाम के लिए भी जरूरी होता है, लेकिन कोविड काल में इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ गयी है। मास्क के इस्तेमाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आवश्यक जानकारी दी है ताकि इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

व्यायाम व योग के समय नहीं लगायें मास्क:
सुबह -सवेरे लोग स्वयं को स्वस्थ्य रखने के लिए व्यायाम व योग करते हैं। कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग साइकलिंग, वाकिंग, जॉगिंग आदि के समय भी मास्क का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कूल भी नहीं किया जाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि व्यायाम के समय मास्क नहीं लगाना चाहिए। व्यायाम अथवा योग के समय मास्क का इस्तेमाल आसानी से सांस लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। व्यायाम के दौरान निकलने वाले पसीने के कारण मास्क जल्द भींग भी जाते हैं और पसीने से भींगे हुए मास्क में कीटाणु पनपने की संभावना अधिक हो जाती है। पसीने से भींगे मास्क को लगा कर व्यायाम करने से सांस लेने में परेशानी होती है जिससे व्यक्ति सही तरीके से सांस नहीं ले पाता है।

खुली जगहों व कम भीड़ वाली जगहों पर करें व्यायाम:
डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि खुली जगहों पर व्यायाम अथवा योग किया जाये। भीड़ वाली जगहों पर व्यायाम करने से परहेज करें। व्यायाम अथवा योग के दौरान कम से कम एक मीटर की शारीरिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन करें। सावधानी बरतते हुए बेहतर तरीके से कसरत की जा सकती है। व्यायाम फेफड़ों में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने के मददगार है। सामान्य रूप से मास्क का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे बस या ट्रेन, बाजार हाट अथवा अस्पतालों में जरूर करें।

लंबे समय से सर्जिकल मास्क का नहीं करें इस्तेमाल:
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी सलाह दी है कि लोगों को सूती कपड़ों से बने मास्क इस्तेमाल किये जाने चाहिए। मेडिकल या सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। मास्क लगाते समय ध्यान रखें कि यह सही तरीके से चेहरे पर फिट बैठता हो। सर्जिकल मास्क को धोकर या एक बार इस्तेमाल किये जाने के बाद पुन: उपयोग में नहीं लायें।

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