घोसतावां में बाजे गाजे के साथ डोली से निकाली गई मां भगवती की यात्रा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, घर घर की गई पूजा अर्चना, गुप्त नवरात्र के अवसर पर घोसतावां में चल रही शतचंडी यज्ञ सह मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमआज प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न होगी पांच दिवसीय शतचंडी यज्ञ - mithila Hindi news

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घोसतावां में बाजे गाजे के साथ डोली से निकाली गई मां भगवती की यात्रा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, घर घर की गई पूजा अर्चना, गुप्त नवरात्र के अवसर पर घोसतावां में चल रही शतचंडी यज्ञ सह मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमआज प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न होगी पांच दिवसीय शतचंडी यज्ञ

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नवादा से आलोक वर्मा की रिपोर्ट
 नवादा : घोसतावां में बुधवार को शतचंडी यज्ञ सह मां भगवती के प्राण प्रतिष्ठा  कार्यक्रम के चौथे दिन देवी मंदिर से बाजे गाजे के साथ डोली से मां भगवती की शोभा यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यह डोली घर घर दरवाजे तक पहुंची। श्रद्धालुओं ने डोली में मां भगवती की पूजा अर्चना की। आरती उतारे। यही नहीं, इस मौके पर शिव की भी रथ निकली। इस रथ पर शिवलिंग, पार्वती, नंदी, नागनाथ, त्रिशूल को रखा गया।  जय माता दी और जय भोलेशंकर की जयकारे के साथ वातावरण गुंजायमान हो गया।

 आज भगवती की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न होगा पांच दिवसीय शत चंडी यज्ञ : गुरुवार को मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा के साथ पांच दिवसीय शतचंडी यज्ञ संपन्न होगा। वेदाचार्य अश्विनी पाठक ने बताया कि गुरुवार को पूर्वाह्न मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। हवन और प्रसाद वितरण के बाद यज्ञ संपन्न हो जाएगा। डोली के पहले मां भगवती को अन्न, जल, दूध आदि स्नान कराया गया। इसके पहले कलश यात्रा से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। अश्विनी पाठक के मुताबिक, भगवान शिव की भी गुरुवार को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। 13 सदस्यीय वेदाचार्य की टीम है। यह मंदिर आदिकालीन है। इसका जीर्णोद्धार किया गया है। इस मंदिर में गुप्त नवरात्र में भगवती की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शतचंडी यज्ञ किया जा रहा है।

दिवाली की तरह सजाई गई थी गांव की घर और गलियां : मां भगवती की डोली की यात्रा के अवसर पर गांव की गलियां और घर के दिवाली जैसी सजाई गई थी। रंगोली और घी के दिए जलाए गए थे। यही नहीं, महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग   नए नए वेशभूषा में जुलूस में शामिल हुए। महिलाएं अपने अपने घरों के आगे थाली में आरती लेकर खड़ी थी। लोग देर रात तक मां की डोली का इंतजार करते रहे। मां की दर्शन के बाद लोग सुकून महसूस किया। जुलूस में भक्तिन और सेवक प्रमोद कुमार के साथ महिला और पुरुष भक्ति में नाचते गाते गांव घूमे। धृतधारी करने वाले विकास कुमार और आशीष कुमार भी जुलुश का हिस्सा रहे।

वेदाचार्य के अलावा सैकड़ों ग्रामीण हुए शामिल : मां की डोली यात्रा में वेदाचार्य अश्विनी पाठक के अलावा धनंजय पांडे,मनोज झा, गोलू झा, नीरज पांडे समेत 15 सदस्यीय वेदाचार्य की टीम थी।  देवेंद्र पांडे, विष्णुदेव पांडे, आभा पांडे, बबन पांडे, नारायण पाण्डेय, डा अशोक प्रियदर्शी, गणेश सिंह, कार्यानंद सिंह, सुधीर सिंह, शैलेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार, विनय कुमार, गोपाल गोपी, रौशन कुमार, संतोष कुमार, अनुज सिंह, सुधीर महतो, मुंद्रिका महतो , अनिल सिंह , मुकेश लोकदर्शी, मुकेश सिंह समेत सैकड़ों महिला और पुरुष शामिल थे।

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