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बिहार पंचायत चुनाव: भूल कर भी ना करें यह काम वरना नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, नामांकन हो जाएगा कैंसिल

संवाद 

मिथिला हिन्दी न्यूज :- बिहार में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। त्रिस्तरीय चुनाव में खड़े होने वाले भावी उम्मीदवारों के लिए निर्वाचन क्षेत्र सीमा कहां तक रहेगी, निर्वाचन आयोग ने इससे जुड़ी गाइडलाइन जारी कर दी है।राज्य निर्वाचन आयोग ने 101 पन्ने का गाइडलाइन्स जारी किया है। आयोग की गाइडलाइन में हर पद के प्रत्याशी के लिए एक सीमा निर्धारित की गई है, जिसका पालन करते हुए ही वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।  जारी गाइडलाइन के अनुसार मुखिया पद के उम्मीदवार अपने प्रखंड की किसी भी पंचायत से चुनाव लड़ने को स्वतंत्र होंगे, लेकिन इसके लिए पहली शर्त यह होगी कि ऐसे मुखिया प्रत्याशी का नाम उस निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में होना चाहिए। जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को 1 लाख तक खर्च करने की तक छूट मिली है। मुखिया और सरपंच उम्मीदवार को 40 हजार, पंचायत समिति सदस्य को 30 हजार, ग्राम पंचायत सदस्य और पंच को 20 हजार खर्च करने की छूट दी गई है।पंचायत चुनाव में किसी राजनीतिक पार्टी के नाम या चुनाव चिह्न के सहारे वोट मांगने पर भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जुलूस के शुरू होने का समय और जगह स्थान, मार्ग और किस समय-स्थान पर जुलूस समाप्त होगा, यह पहले से तय कर पुलिस प्राधिकारियों से अग्रिम रूप से अनुमति लेनी होगी।शर्त वही होगी कि जहां से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां की मतदाता सूची में उनका नाम हो। 

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