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होम आइसोलेट मरीजों को दी जा रही चिकित्सीय परामर्श

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- प्रखंड स्तरीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल स्वास्थ्य के पदाधिकारी द्वारा फोन कॉल के माध्यम से फॉलोअप किया जा रहा

प्रिंस कुमार 
सीतामढ़ी, 7 मई।

कोरोना के इस वैश्विक महामारी में होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्हें उचित सलाह और सही मार्गदर्शन देना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पिरामल स्वास्थ्य काफी गंभीरता से कार्य कर रही है। इसके लिए जिला पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के निर्देश पर सभी पीएचसी प्रखंड अस्पताल के साथ ब्लॉक में कोरोना नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से जिला एवं प्रखंड स्तरीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल स्वास्थ्य के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी (बीटीओ) के द्वारा फोन कॉल के माध्यम से फॉलोअप किया जा रहा है। इसकी देख रेख जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधियों के द्वारा की जा रही है। 

24 घंटे संचालित होने वाले कंट्रोल रूम

24 घंटे संचालित होने वाले कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रतिदिन होम आइसोलेट में रह रहे संक्रमित मरीजों का हालचाल पूछा जा रहा है। जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस होने पर उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रतिदिन फोन से संपर्क कर दवा खाने से लेकर स्वास्थ्य संबंधी कई अन्य जानकारियां प्राप्त कर जिला को उपलब्ध कराया जा रहा है। पिरामल के जिला मैनेजर रवि रंजन कुमार ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को चिकित्सीय परामर्श के साथ ही अलग कमरे में सुरक्षित रहने, अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, अपने प्रयोग की गयी सामग्री का उपयोग दूसरों के द्वारा नहीं करने, मास्क का प्रयोग करने, नियमित अंतराल पर साबुन से बार-बार हाथ धोने, दो गज की सामाजिक दूरी कायम रखने की हमेशा सलाह दी जाती है़।

मेडिकल किट के साथ टिप्स भी दिए जा रहे 

कोरोना से संक्रमित वैसे लोग होम आइसोलेशन में हैं उन्हें मेडिसिन किट दी जा रही है। जिसमें एंटीबायोटिक, बुखार, विटामिन सी समेत अन्य वस्तुएं होती हैं। मेडिकल किट में छह तरह की दवाएं और मास्क होती हैं। किट के साथ ही मरीज से उनका हाल-चाल पूछा जाता है। उन्हें होम आइसोलेशन के लिए टिप्स दिए जाते हैं। घर के बाहर निकलने के लिए बिल्कुल नहीं कहा जाता है। किट में दवाओं के साथ एक पुर्जा होता है, जिसमें दवाओं के लेने की मात्रा और समय लिखा होता है। वहीं उसमें सावधानी की भी जानकारी दी जा रही है।

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