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दो से तीन हफ्ते तक एक ही मास्क का उपयोग ब्लैक फंगस को देता है पनपने का मौका

- हेल्थ मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया ने टैग किया एम्स के डॉ शरत चंद्रा का बयान 
- मास्क की स्वच्छता पर रखें ध्यान 

प्रिंस कुमार 

सीतामढ़ी, 29 मई । 
कोरोना से बचाव में मास्क का उपयोग बहुत जरूरी हो गया है। हममें से कई ऐसे लोग हैं जो एक ही मास्क का उपयोग कई दिनों तक करते हैं। ऐसे में हेल्थ मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया ने एम्स में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ शरत चंद्रा का एक बयान अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर टैग किया है। जिसमें कहा गया है कि कोविड संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस नया नहीं है, लेकिन यह महामारी के मुताबिक कभी बढ़ा नहीं है। अगर दो या तीन हफ्तों तक कोई भी एक ही मास्क का प्रयोग करता है तो उसमें ब्लैक फंगस के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। 
मास्क और ब्लैक फंगस-
इस बीमारी में साफ सफाई का बहुत ध्यान रखना है कि जब हम मास्क पहनते हैं तो इसमें पसीना आता है, जिससे मास्क गीला हो जाता है। इस गीलेपन की वजह से फंगस पनपनता हैl इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपने मास्क को साफ रखें। अपने पास कई मास्क रखें। सात दिनों के लिए अलग-अलग सात मास्क रखेंl मास्क इस्तेमाल करने के बाद उन्हें धो दें और धूप में अच्छे से सुखा दें। इसके साथ ही अपने मुंह पर गंदगी न होने दें। मुंह धोना, ब्रश करना भी बहुत जरूरी है। बिना डॉक्टर के कोई भी दवाई नहीं लेनी है।
मास्क में बरते सावधानी-
हमारे बीच कई ऐसे लोग हैं जो फेब्रिक के मास्क को खरीद कर उसे कई हफ्तों तक चलाते हैं। ऐसे मास्क का उपयोग करना किसी के लिए भी मुनासिब नहीं है। कपड़े के मास्क के बार -बार उपयोग के कारण वह ढीली पड़ जाती है। वहीं उसे बार -बार धोने के कारण उसकी गुणवत्ता में भी खराबी आ जाती है। जिससे कोरोना से बचाव नहीं हो पाता।
गंभीर रोगी अपने रोग पर रखें नियंत्रण
ब्लैक फंगस हो या कोरोना दोनों ही गंभीर रोगियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोगीयों को अपनी चपेट में ज्यादा लेता है। ऐसे में ब्लैक फंगस या कोरोना से बचने के लिए इनके मरीजों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर रखना चाहिए।

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