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गुप्त नवरात्र कल से: नौ दिन होगी मां भगवती की आराधना, इस बार बन रहे हैं विशेष योग

पंकज झा शास्त्री


पंचांग के अनुसार सालभर में चार नवरात्रि आती हैं। जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो सार्वजनिक रूप से मनाई जाती है। माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं, जिसे माघी नवरात्रि भी कहा जाता है। वैसे तो मां दुर्गा का वाहन शेर है परंतु शास्त्र अनुसार माना जाता है जिस दिन घट स्थापना होता है उस अनुसार माता का आगमन और गमन वाहन निर्धारित होता है। इस बार माघी नवरात्र 02 फरवरी 2022 बुधवार से प्रारंभ हो रहा है यानी माता नौका से आगमन करेगी और गमन 11फरवरी 2022 शुक्रवार गजवाहन से करेगी।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विशेष फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि गुप्त नवरात्रि में पूजा और मनोकामना जितनी गोपनीय होती है, उतनी सफलता मिलती है। गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक पूजा का विशेष महत्व है।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार माघ मास की गुप्त नवरात्रि 2 फरवरी 2022, बुधवार से शुरू होकर 11 फरवरी 2022, शुक्रवार तक है। इसी नवरात्रि के बीच पंचमी तिथि को विद्या, ज्ञान, बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना भी किया जाता है। भगवती सरस्वती भी दश महा विद्या में से एक है। 
 घटस्थापना 2 फरवरी को सुबह 7 बजकर 09 मिनट से सुबह 09 बजकर 17 मिनट तक है। इस दौरान कलश स्थापना कर आप दुर्गा सप्तशमी का पाठ कर सकते हैं समय अभाव में सिर्फ आप कुंजिका स्त्रोत्र पाठ कर ही संपूर्ण सप्तसती का लाभ पा सकते है।
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नोट - ज्योतिष, हस्तलिखित जन्मकुंडली, वास्तु, पूजा पाठ, महा मृत्युंजय जाप एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए संपर्क कर सकते हैं।

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