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वोट की खातिर : ये राज्य बनाने जा रहा है 3000 मंदिर, कहा- हिंदू धर्म की रक्षा के लिए जरूरी

संवाद 

 जैसे-जैसे किसी राज्य में चुनाव नजदीक आतें है सत्तारूढ़ दल समेत अन्य विपक्षी दल सभी वर्गों के वोटरों को लुभाने का उपक्रम करना शुरू कर देते हैं । इसी कोशिश में आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा कि वो हर गांव में एक मंदिर बनवाएगी. उपमुख्यमंत्री कोट्टू सत्यनारायण ने कहा कि मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी के निर्देश पर, हिंदू धर्म की रक्षा और प्रचार के लिए इस पहल की शुरुआत की गई है.

बता दें कि आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ईसाई धर्म से ताल्लुक रखते हैं, उन पर एक धर्म को उपकृत करने,तुस्टीकरण करने के आरोप लगते रहें हैं। अपने को निष्पक्ष और सर्वहितैषी बताने के लिए अब वह, उनकी सरकार गांव गांव मंदिर बनवाने जा रही है।

यहां यह उल्लेख करना भी उचित होगा किसी भी धर्मनिरपेक्ष सरकार का काम मंदिर, मस्जिद या गिरजाघर बनवाना नहीं होता। यहां यह भी बता दें कि आंध्र प्रदेश में मंदिरों, हिंदुओं के धार्मिक ट्रस्टों की आय पर सरकार का कब्जा है,और वहां से प्राप्त धन अन्य धर्मों के पूजा स्थलों को देती है। ये नए मंदिर भी बड़े हिंदु मंदिरों से प्राप्त आय से ही बनेगें।

धर्मादा विभाग का भी कार्यभार संभाल रहे सत्यनारायण ने मंगलवार (28 फरवरी) को कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर कमजोर वर्गों के इलाकों में हिंदू मंदिरों को बनाना शुरू किया गया है.’’

कोट्टू सत्यनारायण ने क्या कहा?

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के श्री वाणी ट्रस्ट ने मंदिरों के निर्माण के लिए प्रत्येक मंदिर को 10 लाख रुपये आवंटित किए हैं. राज्य में 1,330 मंदिरों को बनाने की शुरुआत के अलावा, इस लिस्ट में अन्य 1,465 मंदिर भी जोड़े गए हैं. इसी तरह कुछ विधायकों के आग्रह पर और 200 मंदिर बनाए जाएंगे. 

सत्यनारायण ने कहा कि शेष मंदिरों का निर्माण अन्य स्वयंसेवी स्थाओं के सहयोग से किया जाएगा. डिप्टी सीएम सत्यनारायण के अनुसार धर्मादा विभाग के तत्वावधान में 978 मंदिरों का निर्माण तेजी से हो रहा है जबकि प्रत्येक 25 मंदिरों का कार्य एक सहायक इंजिनियर को सौंपा गया है. 

कितने पैसे दिए गए?
कुछ मंदिरों के पुनर्निर्माण और मंदिरों में अनुष्ठानों के लिए आवंटित 270 करोड़ रुपये की राशि में से 238 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. इसी तरह, इस वित्तीय वर्ष में प्रति मंदिर 5,000 रुपये की दर से अनुष्ठानों (धूप दीप नैवेद्यम) के वित्तपोषण के लिए निर्धारित 28 करोड़ रुपये में से 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

सत्यनारायण ने कहा, ‘‘धूप दीप योजना के तहत 2019 में 1561 मंदिर पंजीकृत थे अब उनकी संख्या 5,000 हो गई है.’’ उन्होंने दावा किया कि इसको लेकर बड़ी तेजी से काम चल रहा है. साथ ही उम्मीद जताई कि जल्द ही काम होगा.

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