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आरजेडी नेताओं के विवादित वर्णन के पीछे हैं ये दो चेहरे? नाम लेते हुए नित्यानंद राय ने बोली ये बड़ी बात


संवाद 


बिहार की सियासत में एक बार फिर विवादित वर्णन देने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है. आरजेडी के एक दो नहीं बल्कि कई नेता ऐसे हैं जो राम मंदिर (Ram Mandir) को लेकर विवादित टिप्पणी कर रहे हैं. इन सबके बीच बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने आरजेडी के दो नेताओं पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. सोमवार (08 जनवरी) को पटना पहुंचे नित्यानंद राय ने विवादित बयानों को लेकर प्रतिक्रिया दी.नित्यानंद राय ने मंदिर को लेकर बोला, "यह भारत के सांस्कृतिक उत्थान का रास्ता है, यह संस्कार और मर्यादा का रास्ता है, पता नहीं इस घमंडिया गठबंधन के लोगों के मन में राम मंदिर के निर्माण से इतना नफरत क्यों है. आरजेडी के नेता जो कह रहे हैं यह मुखौटा है, पीछे तो लालू-तेजस्वी का चेहरा है. महागठबंधन घमंडिया के नेता बाबर और अफजल गुरु की तस्वीर टांग कर पूजा करने वाले लोग हैं. तुष्टिकरण देश के लिए हमेशा हानिकारक है."केंद्रीय मंत्री ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों के प्रश्न के जवाब में बोला कि यह लोग कहते हैं कि जब कोई बीमार पड़ेगा तो मंदिर में जाएगा कि अस्पताल में जाएगा. उनको पता ही नहीं है कि अस्पताल की आवश्यकता होगी तो अस्पताल में जाएगा और आवश्यकता होगी तो मंदिर में जाएगा, 

मंदिर और अस्पताल दोनों महत्वपूर्ण है.

नित्यानंद ने बोला कि श्रीराम जब लंका विजय के लिए जा रहे थे तो लक्ष्मण को बाण लगा तो बजरंगबली संजीवनी बूटी लाए थे. मंदिर सेवा का भाव देता है. सहानुभूति का भाव देता है. इन लोगों को इससे मतलब नहीं है. इन लोगों को मतलब है अपने परिवार के लिए सियासत कर अपने परिवार के लिए सत्ता प्राप्त करना भ्रष्टाचार करना घोटाला करना और सनातन को बार-बार गाली देना इनका यह कार्य है.आरजेडी विधायक अजय यादव के उस बयान पर कि बीजेपी अयोध्या में बम ब्लास्ट करा सकती है. इस पर नित्यानंद राय ने बोला कि बीजेपी क्यों बम विस्फोट कराएगी? बीजेपी का यह प्रोग्राम नहीं है. भगवान श्रीराम मंदिर के उद्घाटन का प्रोग्राम है. वहां साधु-संत से लेकर हजारों राम भक्त होंगे. भीड़ को लेकर प्रधानमंत्री ने बोला है कि 22 जनवरी को अयोध्या वही लोग आए हैं जिन्हें बुलाया गया है, बाकी जिनको जब आना है आएं. इन लोगों की नीयत में खोट है.बता दें कि उधर रोहतास के डेहरी में रविवार को बयान देकर शिक्षा मंत्री भी जिक्र में हैं. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह का समर्थन किया है. उन्होंने बोला कि फतेह बहादुर सिंह ने सावित्री बाई फुले की बात दोहराई थी न कि अपनी कोई बात बोली थी. उन्होंने बोला था कि मंदिर का रास्ता मानसिक गुलामी का रास्ता होता है, स्कूल का रास्ता प्रकाश का रास्ता दिखाता है.

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